Posts

Showing posts from 2017

सर्दियां 😊

Image
लो आ गयी सर्दियां। 😀😃रंगीन, मुस्कुराती हुई सर्दियां। वो सर्दियां जिनमे बस अपना बिस्तर ही प्यारा लगता है।रजाई से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता। यहां तक कि रजाई की गर्मी मे प्यास भी लग जाये, तो पानी लाने मे भी आलस आता है, कि पानी पीने के लिये बाहर निकलना पडेगा। 😊 बाज़ार मे खट्टे मीठे फलोंजैसे संतरे, किन्नू, अन्ननास से भरी हुई सर्दियां, तरह तरह की सब्जियों जैसे मेथी, सरसों, गाजर, चुकंदर, ब्रोकली, नये आलू, मशरूम, मटर, पालक से भरी हुई सर्दियां। गरम गरम जलेबी, गुलाब जामुन और गरम सूप वाली सर्दियां। कितना दौड़ो भागो घूमो फिरो लेकिन थकान का एहसास ना होने देने वाली सर्दियां। धूप सेकने के बहाने विटामिन डी की कमी दूर करने वाली सर्दियां। और धूप मे अच्छी नींद ला देने वाली सर्दियां। स्वेटर, जैकेट, कोट, इनर, टोपी, मफलर, शाल और मोजों वाली सर्दियां। हाथ गरम रखने के लिये बार बार जेब में हाथ डालने वाली सर्दियां। गरम पानी से नहाने वाली सर्दियां। और वहीं पुराने नैनीताल में बीते होस्टल के दिनों की याद दिलाने वाली सर्दियां। 😃

मन के प्रश्न, मन के विचार

Image
कभी कभी कुछ प्रश्न मेरे मन में कौंधते हैं। न सिर्फ कौंधते हैं, बल्कि कचोट देते हैं मन के धरातल को। कभी कभी मैं सोचती हूँ कि मैं इतना क्यों सोचती हूँ, फिर सोचती हूँ कि शायद वो व्यक्ति, जिसकी परिस्थितियां एकदम परिवर्तित होती रहती हैं, कभी एकदम ऊपर तो कभी एकदम नीचे, उसे सोचना ही पड़ता है और सोचना भी चाहिए। मैं सोचती ही रहती हूँ- कई विषयों पर। सब दिन एक जैसे कभी नहीं होते। सब लोग भी एक जैसे नहीं होते। न सबकी परिस्थितियां एक जैसी होती हैं, और न एक ही व्यक्ति की जीवन भर में एक जैसी परिस्थितियां रहती हैं। मैं ये समझने की कोशिश करती हूँ कि परिस्थितियां मनुष्य के स्वभाव का निर्माण करती हैं या मनुष्य का स्वभाव परिस्थियों को अपने अनुसार बना लेता है। दो अलग अलग परिस्थितियों में पैदा हुए और पल कर बड़े हुए इंसानों का अलग अलग स्वभाव होगा। लेकिन एक इंसान के जीवन में भी तो परिस्थितियां बदल जाती हैं। संभवतः जो जीत-हार दोनों का और मान-अपमान दोनों का स्वाद चखते हैं,  निरपेक्ष रूप से देखते हुए, वे लोग घमंड को अपने सर पे उतना सवार नही होने दे सकते जितना कि वो लोग जो जीवन भर जीतते ही चले आ रहे हैं। प...

दार्जिलिंग-गंगटोक यात्रा

Image
           मई 9, 2017,  मुझे अपनी शादी को लेकर खुशी इस बात की थी कि काफी लंबे समय बाद एक लंबी यात्रा पर जा रही थी। हालांकि इस बार सहयात्री नया था - मेरे पति नीरज, जिनसे मैं अब तक सिर्फ एक बार मिली थी- अक्टूबर 31, 2016 को, वो भी औपचारिक तौर पे, जैसे arranged marriages के लिए मिला जाता है। लेकिन जैसा कि अब तक मुझे महसूस हुआ था, नीरज सीधे और सरल स्वभाव के, कम बोलने वाले, लेकिन caring व्यक्ति लगे। इसी कारण मुझे बिल्कुल भी असहज महसूस नहीं हो रहा था उनके साथ सफर करते हुए।          जाने से पहले हमने net पर चेक किया गंगटोक के temperature के लिए। यह 16 से 25 डिग्री तक दिख रहा था, इसलिए एक जैकेट भी रखी अपने सामान में, ठंड से बचने के लिए। दिन में 1 बजे की flight थी (Delhi to Bagdogra). हम लोग 11:30 बजे तक airport में enter कर चुके थे। सिक्योरिटी चेक के बाद भी हमारे पास काफी समय था जो कि हमने एयरपोर्ट पर ही बिताया। 1 बजे तक हम अपने plane में थे। सुबह हम थोड़ा सा नाश्ता कर के चले थे इसलिए lunch, flight  के दौरान ही किया। 2 घंटे का ...

सफर

कुछ दिन पहले एक सफर पर थी, सुबह का हल्का उजाला था, मौसम में हल्की ठंडक थी। सिर्फ दृश्य बदलते थे आँखों के सामने से। अच्छा लगा। लगा कि काश ये सफर जल्दी ख़त्म न हो। याद आया कि पहले भी मैने ऐसा अनुभव किया है कई यात्राओं के दौरान। मन प्रसन्न होता है, दिमाग विश्राम की अवस्था में होता है आँखे दृश्य देखती हैं, बिना कुछ सोचे। कुछ ऐसे सफर होते हैं, कि मंज़िले भूल जाने का मन करता है। इन कुछ पलों की ज़िन्दगी कितनी बेहतरीन होती है। न कोई टेंशन, न कोई दबाव, न कोई competition, न कोई जलन, न कोई अपेक्षा, न कोई उलझन। सिर्फ आनंद। वो अनुभूति बहुत सुखद होती है।       मुझे अचानक ये एहसास हुआ कि पहले भी ऐसे पल आये हैं, जो जीवन की कुछ  सुखद घड़ियों में से एक होते हैं। और तभी मैंने निश्चय किया कि कुछ लिखूंगी इस अनुभूति के ऊपर। आज जब लिखने को बैठी, तो सोचने लगी कि क्यों वो पल इतने अच्छे लगते हैं। सारे दुःख दर्द भूले जाते है उस दौरान। वही ज़िन्दगी बस ज़िन्दगी लगती है बाकी बची ज़िन्दगी तो बस बेच चुके हैं salary की खातिर, जिस पर अपना कोई अधिकार नहीं। न चाहते हुए भी रोबोट की तरह लगे रहते हैं। न खुद...

Some Meaningful Messages

Image

The world of books and me

Image
        Oh ! I m so happy that I m getting an opportunity to go to book fair today or may be tomorrow as it's a weekend with a cold and rainy weather and the book fair has started just today (January 7-15). ☺        It's not that I have never been to book fair in my life. In fact every year, when I get to know about world book fair in my city....I make sure that I visit there. And each time, I make a plan to go there, I find myself equally happy like I am right now.                 New Delhi World book fair is held every year, generally in the month of January or February in Pragati Maidan. There are many stalls of different publications in different halls. Pragati Maidan Area is very nice area to organize such events as there are green fields, broad roads, cleanliness, food courts etc. World Trade Fair is also held every year in Pragati Maidan,...