ये साल, 2013
सभी को मेरा नमस्कार !! आज काफी समय बाद कुछ लिखने की इच्छा हुई. :) साल का अंतिम महीना यानि दिसंबर शुरू हो चुका है..... अब अगर मैं साल भर को याद करू ना? तो कुछ अच्छी बातें याद नहीं आतीं, और शायद इसी वज़ह से मेरा मन भी न हुआ हो कुछ लिखने का.... साल की शुरुआत ही एक भयानक दिल दहला देने वाली घटना से हुई थी......दिसंबर 16, 2012 में एक लड़की का दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप और उसके बाद पूरे देश में हर जगह बहुत बड़ा जन-आक्रोश.......इस काले साये के साथ साल 2013 का श्री-गणेश हुआ ........ ये ही निर्भया काण्ड कहलाया . उन दिनों लड़कियां रात को सफ़र करने में डरने लगी थीं .........इस व्यापक जन-आक्रोश ने ही सरकार को एक ऐसा क़ानून बनाने को प्रेरित किया जो कि बाद में कई पुरुषों के लिए बहुत भयंकर साबित हुआ......... देश के लोग उस घटना से उबरे ही होंगे कि साल के मध्य में यानि कि जून 17, 2013 को उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में आयी भयंकर बाढ़ और तबाही ने फिर से लोगों को दहला दिया.......इस प्राकृतिक आपदा में कई हज़ार जानें गयी.....