जीवन

काफी समय से कोई नया पोस्ट नहीं लिखा था तो सोचा आज कुछ लिखूं . वैसे कुछ खास तो नहीं है लिखने को पर फिर भी कुछ न कुछ लिखना चाहती हूँ ब्लॉग को active रखने के लिए भी और अपने इस लिखने के शौक को जिंदा रखने के लिए भी। वैसे भी आखिर में कुछ नहीं रहता पर इंसान के शौक ही उसका साथ देने के लिए रह जाते हैं। कोई ज़रूरी नहीं कि आज आप जो हो कल भी वही रहो, ज़रूरी नहीं कि  आज जो लोग आपके साथ हैं कल भी वो रहें. ज़रूरी नहीं  कि आज जैसा समय मिला है कल भी वैसा मिले।........

"इज्ज़तें, शोहरतें, चाहतें, उल्फतें,............
सब कुछ इस दुनिया में रहता नहीं।....
आज हम हैं जहाँ,...
कल कोई और था।
ये भी एक दौर है,....
वो भी एक दौर था।"

राजेश खन्ना, पिछले दिनों ही इस दुनिया से विदा हो गए।....
इस बीच टीवी और अखबारों में इतना सब आया उसके बारे में, उसकी जिंदगी के बारे में कि चाहे पहले कभी न जानने की कोशिश की हो मैंने उसकी ज़िन्दगी के बारे में ।...लेकिन इस बीच जान लिया। बचपन से उसकी movies देखते आये हैं।....वैसे भी India का पहला सुपर-स्टार रहा है।..सारे गाने एक से एक hit , super -hit रहे हैं। मगर ज़िन्दगी उसकी काफी कुछ कहती हैं. 

दिसम्बर 29, 1942 को जन्म तो पता नहीं किसके घर में हुआ उसका।..पर गोद लिया उसे  किसी करोडपति businessman ने। पढाई लिखाई भी अच्छे  schools  में हुयी।......पैसा काफी था घर में,  मगर शोहरत चाहता था।.......उसकी ये तमन्ना भी पूरी हो गयी जब वो film - industry से जुड़ा. पहली बार अपनी Mercedes car में गया था फिल्म में काम करने को।..... As an actor वो बहुत सफल हुआ ........दौलत तो बचपन से मिली ही थी, शोहरत films मे काम करने के बाद मिलती गयी और उसके साथ ही चाहतें भी।........
सुना है, जिस white  कार में बैठकर वो शूटिंग में जाता था।......वो कार लड़कियों की lipstic  के निशानों से लाल हो जाती थी।.....इतनी चाहत थी लोगो में।...वो जैसा लगता था।...लड़के वैसा ही लगने की कोशिश करते थे।.........गांव की लडकियां भाग भाग कर मुंबई आ जाती थी।...उससे शादी करने को।......
फिल्मों में काम करके एक्टर सभी रूपों में जी लेता है।......सारे अरमान पूरे कर लेता है।....

मैंने उसकी काफी फिल्में देखी हैं सभी याद नहीं हैं। पर जो छू  गयी थी दिल को, वो थी 'आनंद ' और 'बावर्ची'. हांलाकि इसके अलावा भी काफी फिल्में अच्छी  लगी थी। पर इन दोनों फिल्मो में उसका character कुछ अलग ही था।....."आदर्श ".............पर असल ज़िन्दगी में, सुना है, कि 4-5 affairs  रहे थे उसके , जो कि  film industry के लोगों के लिए शायद आम बात होती है।..........वैसे भी जिस इंसान पर मरने वाली लड़कियों की संख्या लाखों में हो वो इंसान फिर भी नैतिकता में रहे, ऐसा सिर्फ तभी हो सकता है, जब उसको आत्म-संयम हो,....... 'moral-values ' ये शब्द आदमी की दौलत, शोहरत और चाहत बढ़ने के साथ साथ बना रहे, तो वो पुरुष नहीं महा-पुरुष बन जाए।......खैर, उसने बाद में अपने से 15 साल छोटी लड़की "डिम्पल कपाडिया" के साथ शादी की।
और बाद में सुना गया कि उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया।...गुस्से में आकर cigarette से उसके शरीर  को जला देता था।......बाद में उनका तलाक़ हो गया।...उसके बाद भी कुछ लड़कियों के साथ उसके affairs की खबरें आई।....पर कहीं बात नहीं बनी।......
उसकी उम्र बढती गयी।......धीरे धीरे।....बुढापा सा आ गया। उसकी वो पत्नी, जिससे उसका तलाक हो चुका  था फिर साथ रहने लगी ......शोहरत उतनी नहीं रही और बीमार हो गया।........तब वो ही डिम्पल कपाडिया ही  उसकी सेवा करती थी।......उसकी बेटी और उसके दामाद अक्षय कुमार ने  भी उसकी काफी मदद की ।.......राजेश खन्ना को 2005 में लाइफ टाइम achievement award मिला था।.......और तब उसने stage पर आकर बोला था:-
"इज्ज़तें, शोहरतें, चाहतें, उल्फतें,............
सब कुछ इस दुनिया में रहता नहीं।....
आज हम हैं जहाँ,...
कल कोई और था।
ये भी एक दौर है,....
वो भी एक दौर था।".............
बहुत बूढा हो चुका  था उसका चेहरा पर फिर भी कुछ दम बाकी था।........पर कुछ दिन पहले फिर उसकी सूरत टीवी पर दिखाई दी- एकदम बूढा चेहरा।......आवाज़ में वो दम भी नहीं जो ठीक से कुछ बोल सके।.....जबकि उम्र उसकी कुल 69 years..............
और july 18, 2012.......चल दिया वो इस दुनिया से।.............हांलाकि उसकी अर्थी को उसके बंगले 'आशीर्वाद' से  शमशान घाट तक पहुंचाने वालों की  भीड़ बहुत थी शायद वैसी ही भीड़, जैसी कि  तब रहा करती होगी, जब वो कहीं शूटिंग करने जाता होगा तो उसे देखने वालों की भीड़  होती होगी।......बाद में एक समाचार के अनुसार:-


 "Superstar Rajesh Khanna died due to the reason of liver infection. His death caused due to alcohol consumption that affected his liver."


आखिर- क्या ?? और कब तक?
कब तक की दौलत शोहरत इज्ज़त चाहत।....

जो शोहरत वो बुढापे में नहीं पा सका वो शोहरत उसको media ने मरने के बाद दी।........सब कुछ दिया था उसे भगवान् ने।...........पर आखिर क्या?? मौत सभी पर आती है .........पर जीवन का लक्ष्य पूरा करने के बाद  दुनिया को छोड़ कर जाते  हो, या मौज मस्ती,शराब -cigrette पीकर जीवन को तबाह करके शोहरत पाने की चाह में तरस तरस कर??

जीवन के कुछ पहलू और भी हैं।..........आमिर खान :- जिसने 'सत्यमेव जयते' जैसा एक लोगों-में जागरूकता फैलाने वाला अच्छा सीरियल बनाकर/उसमें काम करके अपने name - fame को और बढा लिया है।......शायद जिन लोगों को इन्साफ दिलाया होगा,..उनकी दुआएं भी मिलती होंगी।...........


और एक हमारा जीवन है।................क्या कर पाते हैं लोगों के लिए? लोगों के लिए छोडो,.....अपने लिए भी क्या कर पाते हैं?? कमाया- खाया ...छुट्टी।...थकान-आराम, आराम-थकान।..

जीवन में में कुछ सार नहीं।......मन करता है कि गौतम बुद्ध, स्वामी विवेकानंद और अपने बापूजी जैसे संतो जैसा जीवन बने।.....दिमाग शांत और मन प्रफुल्लित, चित्त की समता, भगवद-विश्रांति।..............कब और कैसे होगा ये सब?



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